सफलता की कहानी आईपीएस अरीबा नोमान: चौथे प्रयास में यूपीएससी क्रैक कर बनीं आईपीएस अधिकारी
अरीबा नोमान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में रहने वाली हैं। 2022 यूपी कैडर के इस पुलिस अधिकारी ने अपने चौथे प्रयास में यूपीएससी की कठिन परीक्षा को सफलतापूर्वक क्रैक किया। उनका यह यात्रा संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ संकल्प का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
सक्सेस स्टोरी आईपीएस अरीबा नोमान: मामू का सपना पूरा कर बनीं आईपीएस, 2022 बैक ऑफ ऑफिसर
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर्स की प्रेरणा पुस्तिका में एक नाम है आईपीएस अरीबा नोमान का। उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के पुलिस अधिकारी अरीबा ने 2021 के यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 109वीं रैंक हासिल कर यह उपलब्धि पाई। उनकी इस सफलता ने न केवल उनका सपना साकार किया, बल्कि उनके मामू के अरमानों को भी हकीकत में बदल दिया।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा
अरीबा नोमान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में रहने वाली हैं। उनके पिता नोमान अहमद नेशनल कोरिया कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां रुखसाना निकहत एक गृहिणी हैं। अरीबा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सुल्तानपुर के स्टेला मॉरिस कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की, जहाँ उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई की।
मामू का सपना और सफलता की यात्रा
अरीबा का पसंदीदा बनने का सफर आसान नहीं था। उन्होंने चौथे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लिया। उनकी इस मेहनत और सफलता का सबसे बड़ा कारण उनकी दृढ़ निश्चय और मामू का समर्थन था, जो चाहते थे कि अरीबा समाज में परिवर्तन वाली अधिकारी बनीं।अरीबा की यह कहानी यह सिखाती है कि हमें सही दिशा और अस्थिर परिश्रम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त हो सकता है। यह युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मामू का सपना पूरा कर बनीं आईपीएस, दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीटेक
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर्स में एक नाम है आईपीएस अरीबा नोमान का। 2022 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के इस पुलिस अधिकारी ने 2021 के यूपीएससी परीक्षा में अखिल भारतीय 109वीं रैंक हासिल की। अरीबा ने अपने मामू का सपना पूरा करते हुए आईपीएस बनने का गौरव हासिल किया।शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमिअरीबा नोमान ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से की, जहां उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के स्टेला मॉरिस कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की। उनके पिता नोमान अहमद नेशनल नर्सरी कंपनी में मैनेजर हैं और उनकी मां रुखसना निकहत एक गृहिणी हैं।चौथे प्रयास में मिली सफलताअरीबा ने यूपीएससी की तैयारी के बारे में बताया
दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीटेक कर छोड़ी नौकरी, मामू का सपना पूरा कर बनीं आईपीएस
आईपीएस अरीबा नोमान की कहानी दृढ़ निश्चय और मेहनत की मिसाल है। 2022 बैच के यूपी कैडर के इस पुलिस अधिकारी ने 2021 के यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 109वीं रैंक हासिल की और अपने मामू का सपना पूरा किया।शिक्षा और बिज़नेस की शुरुआतअरीबा नोमान ने 10वीं तक की पढ़ाई अपने गृह जिले सुल्तानपुर के स्टेला मॉरिस कॉन्वेंट स्कूल से की। इसके बाद वह अपने मामू गुफरान अहमद के साथ दिल्ली आ गए। उन्होंने 12वीं (इंटरमीडिएट) की पढ़ाई दिल्ली से पूरी की और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। अपनी योग्यता के दम पर अरीबा को ग्रेजुएशन के बाद एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी मिल गई।
आईपीएस अरीबा नोमान की कहानी दृढ़ निश्चय और मेहनत की मिसाल है। 2022 बैच के यूपी कैडर के इस पुलिस अधिकारी ने 2021 के यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 109वीं रैंक हासिल की और अपने मामू का सपना पूरा किया।शिक्षा और बिज़नेस की शुरुआतअरीबा नोमान ने 10वीं तक की पढ़ाई अपने गृह जिले सुल्तानपुर के स्टेला मॉरिस कॉन्वेंट स्कूल से की। इसके बाद वह अपने मामू गुफरान अहमद के साथ दिल्ली आ गए। उन्होंने 12वीं (इंटरमीडिएट) की पढ़ाई दिल्ली से पूरी की और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। अपनी योग्यता के दम पर अरीबा को ग्रेजुएशन के बाद एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी मिल गई।
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