राजस्थान में एक बार फिर मौसम करवट लेने लगा है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई शहरों में हल्के बादल छाए रहे, जिससे धूप कमजोर रही और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसका असर यह हुआ कि दोपहर के समय भी हल्की ठंडक महसूस की गई। जयपुर, सीकर, अलवर, बाड़मेर और जैसलमेर सहित कई स्थानों पर दिन के तापमान में गिरावट आई, जिससे सर्दी का अहसास बढ़ गया।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण 3-4 फरवरी को बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, 3 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर जयपुर, अजमेर, बीकानेर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में गर्जना के साथ बारिश हो सकती है। इस बदलाव के कारण अगले दो दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
राजस्थान के विभिन्न जिलों में तापमान का हाल
पिछले दिन राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में सबसे अधिक तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अन्य प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:
धौलपुर – 28.7°C
डूंगरपुर – 28.5°C
उदयपुर – 27.2°C
भीलवाड़ा – 27.4°C
अजमेर – 26.3°C
कोटा – 26.4°C
जैसलमेर – 25.2°C
सीकर – 24.5°C
गंगानगर – 24.1°C
जयपुर – 26°C
हनुमानगढ़ और माउंट आबू में ठंड अधिक रही, जहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा।
सुबह-शाम बढ़ी ठंड, कई जगह न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में
दिन के तापमान में गिरावट के साथ ही सुबह और रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंडक और अधिक महसूस होने लगी है। बीते 24 घंटों में राजस्थान के कई शहरों में न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज किया गया। माउंट आबू में प्रदेश का सबसे कम तापमान 6°C रिकॉर्ड किया गया।
अन्य प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
भीलवाड़ा, अलवर, पिलानी, सीकर, गंगानगर, डूंगरपुर, सिरोही, जालोर, करौली और फतेहपुर में 6°C से 10°C के बीच तापमान रहा।
आगे क्या?
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 3-4 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ का असर राजस्थान के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। इससे जयपुर, अजमेर, बीकानेर और भरतपुर संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश और बादलों की गर्जना हो सकती है। साथ ही तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे सर्दी में थोड़ी और बढ़ोतरी हो सकती है।
जो लोग यात्रा की योजना बना रहे हैं या कृषि कार्य से जुड़े हैं, उन्हें मौसम की इस अस्थिरता को ध्यान में रखना चाहिए। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म होने के बाद तापमान फिर से धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।
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