बाड़मेर जिले में वायरल निमोनिया का कहर, अस्पतालों में मरीजों की बाढ़
बाड़मेर जिले में मौसम के अचानक बदलने के साथ ही वायरल निमोनिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात यह हैं कि हर घर में कोई न कोई सदस्य इस बीमारी से प्रभावित हो रहा है। खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, सिर दर्द, नाक बहना और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसका प्रभाव अधिक देखा जा रहा है।
अस्पतालों में भारी भीड़, सभी बेड फुल
वायरल निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर बेड की भारी कमी हो गई है। मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल प्रबंधन को बरामदे में अस्थायी बेड लगाने पड़े हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सामान्य दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी में 2000-2500 मरीज आते थे, लेकिन पिछले 15 दिनों में यह संख्या दोगुनी होकर 4000 तक पहुंच गई है।

इलाज के लिए मरीजों की लंबी कतारें
जिला अस्पताल में सुबह 8 बजे से ही मरीजों की कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, जो दोपहर 3 बजे तक जारी रहती हैं। ओपीडी पर्ची काउंटर, डॉक्टर ओपीडी, एक्स-रे सेंटर और लैब के बाहर मरीज घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कुल मरीजों में से लगभग 7 से 10 प्रतिशत मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।
नॉर्मल दवाइयों से ठीक नहीं हो रहे मरीज
डॉक्टरों का कहना है कि वायरल निमोनिया के मरीजों की स्थिति गंभीर हो रही है, क्योंकि सामान्य दवाइयों से खांसी और बुखार में राहत नहीं मिल रही। इसलिए, कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। जिन मरीजों में तेज बुखार, लगातार खांसी और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत है, उनकी सीबीसी (Complete Blood Count) और एक्स-रे जांच करवाई जा रही है।
तेज धूप और रात की ठंड से बिगड़ रहे हालात
विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में तेज धूप और रात में ठंड होने के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। तापमान में हो रहे अचानक बदलाव के कारण शरीर को एडजस्ट करने में परेशानी हो रही है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
बच्चों में तेजी से फैल रहा संक्रमण
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह बीमारी विशेष रूप से बच्चों में तेजी से फैल रही है। स्कूलों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। डॉक्टरों ने मास्क पहनने, हाथ धोने और स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी है।
रोगियों की बढ़ती संख्या, 15-20 दिन लग रहा ठीक होने में
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह 23,561 से अधिक मरीज ओपीडी में जांच कराने पहुंचे, जिनमें से 1,236 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि निमोनिया के मरीजों को पूरी तरह से ठीक होने में 15-20 दिन का समय लग रहा है। कई मरीज अस्पताल से इलाज के बाद दोबारा भर्ती हो रहे हैं, जिससे स्थिति और जटिल होती जा रही है।
डॉक्टरों की सलाह: सर्दी में रखें विशेष सावधानी
जिला अस्पताल, बाड़मेर के आरएमओ डॉ. दिनेश परमार ने कहा कि वायरल निमोनिया के प्रकोप को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों की सलाह दी:
1.गर्म कपड़े पहनें: सर्दी से बचाव के लिए शरीर को गर्म रखें।
2.मास्क का उपयोग करें: भीड़-भाड़ वाले इलाकों और स्कूलों में मास्क पहनें।
3.ठंडी चीजों से परहेज करें: कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम और ठंडी चीजें खाने से बचें।
4.स्वच्छता बनाए रखें: हाथ धोते रहें और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
5.समय पर डॉक्टर से परामर्श लें: बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
निष्कर्ष
बाड़मेर जिले में वायरल निमोनिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बेड की कमी और बढ़ती बीमारी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा है। लोगों को सावधानी बरतने और डॉक्टरों की सलाह मानने की सख्त जरूरत है, ताकि इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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