आज के समय में शिक्षा हर व्यक्ति का मूल अधिकार है, लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण बहुत से छात्र नियमित स्कूलों में पढ़ाई नहीं कर पाते। उनके लिए राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (RSOS) एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। यह संस्था खास तौर पर उन छात्रों के लिए बनाई गई है जो किसी कारणवश नियमित शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे, लेकिन अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।
RSOS क्या है?
राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (RSOS) की स्थापना राजस्थान सरकार द्वारा की गई थी ताकि स्कूल छोड़ चुके, कामकाजी युवा, गृहिणी, बुजुर्ग या किसी भी उम्र का व्यक्ति जो पढ़ना चाहता है, वो फिर से शिक्षा से जुड़ सके। RSOS का मुख्य उद्देश्य “शिक्षा सबके लिए” को साकार करना है। इसमें 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा दी जा सकती है, और इनकी मान्यता सीबीएसई/राजस्थान बोर्ड के बराबर होती है।
RSOS की विशेषताएँ:
1. लचीलापन: RSOS में छात्र अपनी सुविधानुसार पढ़ाई कर सकते हैं। यहाँ नियमित कक्षाओं की बाध्यता नहीं होती।
2. आयु सीमा नहीं: कोई न्यूनतम या अधिकतम उम्र सीमा नहीं है। कोई भी व्यक्ति 10वीं या 12वीं की पढ़ाई कर सकता है।
3. कम खर्च: RSOS में फीस बहुत ही कम होती है, जिससे यह गरीब और ग्रामीण तबके के लिए भी सुलभ बनता है।
4. स्वाध्याय आधारित शिक्षा: छात्र स्वयं अध्ययन कर परीक्षा दे सकते हैं।
5. वैकल्पिक विषय: छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकते हैं।
RSOS में प्रवेश कैसे लें?
RSOS में प्रवेश लेना बहुत ही सरल प्रक्रिया है। छात्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उन्हें केवल मूल दस्तावेज़ जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पुरानी शिक्षा की अंकतालिका और एक फोटो अपलोड करनी होती है। इसके बाद उन्हें स्टडी मटेरियल मिल जाता है और परीक्षा के लिए तारीखें घोषित होती हैं।
RSOS का महत्व
RSOS उन लोगों के लिए एक नया जीवन देता है जिन्होंने पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी। चाहे किसी लड़की की शादी जल्दी हो गई हो, या किसी लड़के को नौकरी के लिए पढ़ाई छोड़नी पड़ी हो, RSOS के ज़रिए वे दोबारा अपनी शिक्षा पूरी कर सकते हैं और सरकारी या निजी नौकरियों के लिए योग्य बन सकते हैं। यह शिक्षा को सच में सबके लिए सुलभ बनाता है।
निष्कर्ष:
RSOS शिक्षा की दुनिया में एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल राजस्थान बल्कि देश के अन्य हिस्सों के लिए भी एक प्रेरणा है। यदि आप या आपके आस-पास कोई ऐसा व्यक्ति है जो पढ़ाई से वंचित रह गया है, तो RSOS के माध्यम से वो अपनी शिक्षा पूरी कर सकता है और एक बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकता है।
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