राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल का रिजल्ट जारी: 10वीं में 43.54% और 12वीं में 44.95% स्टूडेंट्स हुए पास

जयपुर: राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (RSOS) का 10वीं और 12वीं कक्षाओं का रिजल्ट मंगलवार को शिक्षा संकुल, जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जारी किया। इस बार के परिणाम में कक्षा 10 में 43.54% और कक्षा 12 में 44.95% विद्यार्थी पास हुए हैं। शेष विद्यार्थियों को “आशिक उत्तीर्ण” श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें अगली बार फिर से परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।

रिजल्ट में पारदर्शिता और समय पर घोषणा

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि इस बार रिजल्ट पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत जांचा गया, जिससे शैक्षणिक कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। यह प्रक्रिया न केवल समयबद्ध थी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित की गई। नतीजतन, महज 15 दिनों के भीतर परिणाम घोषित कर दिया गया।

स्टूडेंट्स को फेल नहीं किया जाता

मदन दिलावर ने जानकारी दी कि राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की नीति के तहत किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाता। अगर कोई छात्र निर्धारित अंक प्राप्त करने में असफल रहता है, तो उसे “आशिक उत्तीर्ण” श्रेणी में रखकर पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को पढ़ाई का एक और मौका मिले और वे भविष्य में अपनी शैक्षिक योग्यता को सुधार सकें।

रजिस्ट्रेशन और रिजल्ट का विवरण

इस साल कक्षा 10 में कुल 16,317 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से 7,105 छात्र सफल हुए, जबकि 9,212 छात्र “आशिक उत्तीर्ण” हुए।
कक्षा 12 में कुल 15,714 छात्रों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया, जिनमें से 7,063 छात्र पास हुए, जबकि 8,650 छात्र “आशिक उत्तीर्ण” श्रेणी में रहे।

पिछली बार की तुलना में खर्च में कमी

परीक्षा कॉपियों की जांच के लिए होने वाले खर्च में भी इस बार बचत की गई। पिछली बार, करीब 5 लाख रुपये की लागत से कॉपियां जांची गई थीं, लेकिन इस बार ऑनलाइन प्रक्रिया से यह खर्चा नहीं हुआ।

विद्यार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा का मौका

जो विद्यार्थी इस बार पास नहीं हो सके, उन्हें भविष्य में दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इससे उनके पास अपनी योग्यता साबित करने का एक और अवसर होगा। साथ ही, पास हुए विद्यार्थी उच्च शिक्षा में प्रवेश ले सकते हैं।

राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की भूमिका

राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल का मुख्य उद्देश्य उन विद्यार्थियों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते। यह संस्था उनके लिए एक बेहतर विकल्प प्रदान करती है, ताकि वे अपनी पढ़ाई को जारी रख सकें और अपने जीवन में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

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